फर्जी कॉल सेंटर से करोड़ों की ठगी, बैंक डिटेल्स लेते ही खाली कर देते थे अकाउंट – जामताड़ा के साइबर गैंग का भंडाफोड़
झारखंड के जामताड़ा में साइबर अपराधियों ने फर्जी कॉल सेंटर के जरिए 2,800 लोगों को ठगकर 11 करोड़ रुपये लूट लिए, जिसमें 2,000 पंजाब नेशनल बैंक और 500 कैनरा बैंक के ग्राहक शामिल थे। मुख्य आरोपी महबूब अलम उर्फ ‘डीके बॉस’ ने अपने गिरोह के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम दिया। वह सिर्फ 10वीं पास था लेकिन खुद से कोडिंग सीखकर मालवेयर विकसित करने में माहिर हो गया।
अपराधियों ने एआई टूल्स जैसे चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर 100 से अधिक मालिशियस एपीके तैयार किए, जिन्हें 25,000-30,000 रुपये में बेचा गया। इन ऐप्स को 'पीएम किसान योजना' और 'पीएम फसल बीमा योजना' जैसे नामों से बनाया गया, जिससे लोग इन्हें असली समझकर
डाउनलोड कर लें। एक बार डाउनलोड होने के बाद ये ऐप्स बैंकिंग जानकारी चुरा लेते थे और ठग तुरंत खातों से पैसे उड़ा लेते थे।
पुलिस ने इस गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया, जिनमें महबूब अलम, सफौद्दीन अंसारी, मो. आरिफ अंसारी, जाशिम अंसारी, एस.के. बेलाल और अजय मंडल शामिल हैं। छापेमारी के दौरान 14 मोबाइल फोन, 23 सिम कार्ड, 10 एटीएम कार्ड, 1 लैपटॉप, 1.08 लाख रुपये नकद, 2 लग्जरी वाहन, 1 डीएसएलआर कैमरा और 1 ड्रोन बरामद किया गया। इनमें से चार आरोपियों के खिलाफ पहले से साइबर अपराध के मामले दर्ज थे।
यह मामला जामताड़ा को एक बार फिर 'फिशिंग कैपिटल' के रूप में उजागर करता है, जहां तकनीकी नवाचार और संगठित अपराध का घातक मेल देखने को मिलता है। पुलिस की इस कार्रवाई ने करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश किया, लेकिन साइबर अपराधियों के नए-नए तरीके चुनौती बने हुए हैं।