× Home About Services Contact

मनरेगा फंड जारी करने में भेदभाव के आरोपों को सरकार ने किया खारिज; लोकसभा में विपक्ष का विरोध प्रदर्शन

लोकसभा में विपक्षी दलों ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत कुछ राज्यों को फंड जारी करने में देरी और भेदभाव के आरोप लगाए, जिसे सरकार ने सख्ती से खारिज किया।​

 

 

विपक्ष का आरोप:

डीएमके सांसद कनिमोझी ने तमिलनाडु के लिए पिछले पांच महीनों से ₹4,034 करोड़ की लंबित भुगतान की ओर ध्यान आकर्षित किया। कांग्रेस सांसद अडूर प्रकाश ने केरल में तीन महीनों से मजदूरों को वेतन न मिलने और ₹811 करोड़ की बकाया राशि का मुद्दा उठाया।​

सरकार की प्रतिक्रिया:

ग्रामीण विकास राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी ने स्पष्ट किया कि फंड आवंटन में कोई भेदभाव नहीं है। उन्होंने बताया कि केरल को इस वर्ष लगभग ₹3,000 करोड़ पहले ही जारी किए जा चुके हैं और शेष भुगतान अगले कुछ हफ्तों में पूरा कर दिया जाएगा।​

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी मनरेगा फंड आवंटन पर सरकार के रिकॉर्ड का बचाव करते हुए कहा कि यह योजना मांग-आधारित है और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।