× Home About Services Contact
पूजा पाठ

शनि अमावस्या 2025: ग्रहण के प्रभाव में रहेगा चैत्र अमावस्या, जानें तर्पण का शुभ समय

हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र अमावस्या का विशेष महत्व होता है। इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और दान-पुण्य करना उत्तम माना जाता है। लेकिन इस वर्ष 29 मार्च 2025 को पड़ने वाली चैत्र अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का प्रभाव रहेगा, जिससे धार्मिक कार्यों की प्रक्रिया में कुछ परिवर्तन हो सकता है। आइए जानते हैं इस दिन तर्पण का सही समय और इसकी महत्ता।

शुक्रवार, 28 मार्च 2025 |

चैत्र अमावस्या 2025 पर सूर्य ग्रहण का प्रभाव

इस वर्ष चैत्र अमावस्या के दिन पूर्ण सूर्य ग्रहण लग रहा है, जिसका प्रभाव तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों पर पड़ेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ग्रहण काल में पूजा-पाठ और तर्पण वर्जित माने जाते हैं, इसलिए ग्रहण समाप्त होने के बाद ही तर्पण किया जाना चाहिए।

तर्पण करने का शुभ समय

  • अमावस्या तिथि प्रारंभ – 28 मार्च 2025, रात 11:35 PM
     
  • अमावस्या तिथि समाप्त – 29 मार्च 2025, रात 09:50 PM
     
  • सूर्य ग्रहण प्रारंभ – 29 मार्च 2025, सुबह 08:10 AM
     
  • सूर्य ग्रहण समाप्त – 29 मार्च 2025, दोपहर 01:45 PM
     
  • तर्पण करने का उचित समय – 29 मार्च 2025, दोपहर 02:00 PM से सूर्यास्त तक
     

तर्पण करने की विधि

  1. प्रातः स्नान के बाद पवित्र जल में काले तिल मिलाकर पितरों को अर्पित करें।
     
  2. तर्पण के दौरान दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें और जल अर्पण करें।
     
  3. पितरों के निमित्त ब्राह्मणों को भोजन और दान दें।
     
  4. ग्रहण समाप्ति के बाद गंगाजल छिड़ककर घर को शुद्ध करें।
     

चैत्र अमावस्या पर कौन से कार्य करें?

  • पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
     
  • गरीबों और जरुरतमंदों को अन्न व वस्त्र दान करें।
     
  • शनिदेव की पूजा करके तिल और काले कपड़े का दान करें।
     

क्या न करें?

  • ग्रहण के दौरान भोजन, जल और किसी भी धार्मिक अनुष्ठान से बचें।
     
  • अमावस्या की रात नकारात्मक ऊर्जा अधिक सक्रिय होती है, इसलिए गलत संगति से बचें।
     
  • ग्रहण के दौरान सोने से परहेज करें और मंत्र जाप करें।
     

ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद मिश्रा के अनुसार, इस बार चैत्र अमावस्या पर ग्रहण के कारण विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए मंत्रों का जाप करें और जरूरतमंदों को दान दें।