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झारखंड

झारखंड में प्राइवेट स्कूलों की फीस में बढ़ोतरी, अभिभावकों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

झारखंड के चतरा जिला मुख्यालय स्थित निजी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र के साथ ही फीस और अन्य खर्चों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हर साल की तरह इस वर्ष भी स्कूल फीस में 5 से 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अलावा, किताबों और कॉपियों के दाम भी बढ़ गए हैं, जिससे अभिभावकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है।

 

 


स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा महंगी होती जा रही है और निजी स्कूल हर साल फीस में बढ़ोतरी कर रहे हैं। खुशबू देवी, जिनका बच्चा इंदूमति टिबड़ेवाल स्कूल में पढ़ता है, ने बताया कि उनके बच्चे की कक्षा एक की फीस पहले ही 1,000 रुपये थी और अब उसमें वृद्धि हो गई है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस स्कूल में किताबों की कीमत अन्य स्कूलों की तुलना में थोड़ी कम है, जिससे कुछ राहत मिलती है।

अभिभावकों के अनुसार, सिर्फ स्कूल फीस ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट यानी बस भाड़े में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। निजी स्कूलों में बच्चों को ले जाने वाली बसों का किराया हर साल बढ़ता जा रहा है, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बच्चों को अच्छी शिक्षा देना कठिन हो रहा है। कई अभिभावकों ने सरकार से इस विषय पर ध्यान देने और फीस नियंत्रण के लिए उचित कदम उठाने की मांग की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा के बढ़ते खर्च से निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों पर सीधा असर पड़ रहा है। सरकारी नियमन के अभाव में निजी स्कूल अपनी मनमानी कर रहे हैं और हर साल फीस बढ़ा रहे हैं। इस मुद्दे पर प्रशासन का क्या रुख रहेगा, यह देखने वाली बात होगी।