मां की जमानत याचिका खारिज होने पर युवक ने न्यायालय परिसर में खाया जहर
झारखंड के कोडरमा जिला न्यायालय परिसर में सोमवार को एक हृदयविदारक घटना घटी, जब पारस वर्मा नामक युवक ने अपनी मां की जमानत याचिका खारिज होने से आहत होकर जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया। पारस की मां पर दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज था, जिसके चलते वह न्यायिक हिरासत में थीं। जब अदालत ने उनकी जमानत याचिका अस्वीकार कर दी, तो निराश पारस ने अदालत परिसर में ही यह कठोर कदम उठाया।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पारस को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, पारस की स्थिति अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। इस घटना ने न्यायालय परिसर में उपस्थित लोगों को झकझोर दिया और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति लोगों की भावनात्मक संवेदनशीलता को उजागर किया।
पारस वर्मा का आरोप है कि न्यायालय में केवल महिलाओं की ही सुनी जाती है, जिससे वह हताश था। यह घटना न्यायिक प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की आवश्यकता की ओर इशारा करती है, ताकि सभी पक्षों को न्याय मिले और ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।