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मध्य प्रदेश

ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में डीएम कर रही महिला डॉक्टर की संदिग्ध मौत

ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज (जीआरएमसी) के जमुना हॉस्टल में न्यूरोलॉजी में डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (डीएम) की पढ़ाई कर रही 31 वर्षीय डॉ. रेखा रघुवंशी का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया है। यह घटना शनिवार रात की है, जब उनके सहपाठियों ने उन्हें कमरे में फांसी पर लटका देखा।

 

पुलिस जांच और संभावित कारण:

पुलिस ने डॉ. रेखा का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। प्रारंभिक जांच में प्रेम-प्रसंग का एंगल सामने आया है, हालांकि अभी तक कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और डॉ. रेखा के सहकर्मियों और परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है। 

परिवार की प्रतिक्रिया:

डॉ. रेखा के परिवार ने उनकी मृत्यु पर संदेह जताया है और मामले की गहन जांच की मांग की है। उनके भाई रोहित रघुवंशी ने बताया कि दो दिन पहले उनकी बहन से बात हुई थी, लेकिन उन्होंने किसी भी समस्या का जिक्र नहीं किया था। उन्होंने कहा कि रेखा अपने डीएम डिग्री के दूसरे वर्ष में थीं, जो एक सुपर स्पेशलाइजेशन है, और उनकी सगाई हो चुकी थी, फरवरी 2026 में शादी होने वाली थी।

कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया:

जीआरएमसी के डीन डॉ. अशोक मिश्रा ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि कॉलेज प्रशासन पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि यदि वे किसी भी मानसिक तनाव या समस्या का सामना कर रहे हैं, तो वे कॉलेज के परामर्शदाताओं से संपर्क करें।​

संदेहास्पद परिस्थितियां:

डॉ. रेखा का शव हॉस्टल के कमरे में रोशनदान के जाल पर फंदे से लटका मिला, जिससे आत्महत्या की संभावना पर संदेह उत्पन्न हो रहा है। परिवार और सहकर्मियों का मानना है कि रेखा आत्महत्या जैसा कदम उठाने वाली व्यक्ति नहीं थीं, और उनकी मृत्यु के पीछे अन्य कारण हो सकते हैं|

आगे की कार्रवाई:

पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। डॉ. रेखा के मोबाइल फोन की जांच से उम्मीद है कि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। परिवार और सहकर्मियों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके।​

नोट: यदि आप या आपके परिचित मानसिक तनाव या अवसाद से गुजर रहे हैं, तो कृपया विशेषज्ञों से संपर्क करें। भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 या टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर सहायता प्राप्त की जा सकती है। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी, और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने में मदद करेंगे।​

यह घटना समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय रहते सहायता लेने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।