× Home About Services Contact
झारखंड

झारखंड में सड़क निर्माण के लिए भूमि दस्तावेज़ों की अनुपलब्धता पर मुख्य सचिव का निर्देश

झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने राज्य में चल रही सड़क परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया है कि जिन भूमि के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें सरकारी भूमि मानकर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए। यदि बाद में कोई व्यक्ति वैध दस्तावेज़ प्रस्तुत करता है, तो उसे उचित मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने मुआवजा वितरण में हो रही देरी को कम करने के लिए कैंप लगाकर रैयतों को भुगतान करने का भी आदेश दिया।

 

मुख्य सचिव ने उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि वे सड़क योजनाओं की प्रगति की लगातार निगरानी करें और यदि कोई बाधा उत्पन्न होती है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर करें। उन्होंने कहा कि केंद्र से स्वीकृत परियोजनाओं को समय पर पूरा करना आवश्यक है, अन्यथा योजनाओं के निरस्त होने का खतरा रहता है।

राज्य में वर्तमान में 17,188 करोड़ रुपये की लागत से 503 किलोमीटर लंबी 15 सड़कों का निर्माण कार्य जारी है। मुख्य सचिव ने इन परियोजनाओं की समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया है।