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झारखंड

कागज नहीं तो मानी जाए सरकारी जमीन', झारखंड मुख्य सचिव का आदेश

>झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने आदेश दिया है कि सड़क निर्माण के दौरान जिन जमीनों के कागज उपलब्ध नहीं होंगे, उन्हें सरकारी संपत्ति मान लिया जाएगा।

झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने आदेश दिया है कि सड़क निर्माण के दौरान जिन जमीनों के कागज उपलब्ध नहीं होंगे, उन्हें सरकारी संपत्ति मान लिया जाएगा।

झारखंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसके तहत सड़क निर्माण के दौरान बिना दस्तावेज वाली जमीनों को सरकारी संपत्ति माना जाएगा। मुख्य सचिव अलका तिवारी ने इस आदेश में स्पष्ट किया कि यदि किसी जमीन के स्वामित्व का वैध प्रमाण नहीं मिलता है, तो उसे राज्य की संपत्ति घोषित कर दिया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य राज्य में सड़क निर्माण की गति को तेज करना और भूमि विवादों को कम करना है।

 

इस आदेश के बाद ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में भूमि स्वामित्व को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई पारंपरिक जमीनों के दस्तावेज उनके पास नहीं हैं, जिससे वे अपनी जमीन खो सकते हैं। वहीं, सरकार का तर्क है कि यह फैसला विकास कार्यों को बिना रुकावट आगे बढ़ाने के लिए लिया गया है।

  • स्थान: झारखंड
     
  • तारीख: 27 मार्च 2025