हवाई जहाज के टेक-ऑफ और लैंडिंग के दौरान एयर प्रेशर में अचानक बदलाव होता है। हमारे कान के भीतर एक पतली झिल्ली (ईयरड्रम) होती है, जो बाहरी वातावरण के दबाव के अनुसार संतुलन बनाए रखती है। जब प्लेन ऊंचाई पर जाता है या नीचे आता है, तो हवा का दबाव तेजी से बदलता है, जिससे ईयरड्रम पर असंतुलन पैदा होता है। यही कारण है कि कई लोगों को कान बंद होने, दर्द या असहज महसूस करने की समस्या होती है।
हवाई यात्रा के दौरान कान में दर्द से बचने के उपाय
- च्युइंग गम चबाएं या टॉफी खाएं – इससे मुंह की गतिविधि बढ़ती है, जिससे कान के अंदर और बाहर के दबाव को संतुलित करने में मदद मिलती है।
- हवा निगलें या बार-बार निगलने की कोशिश करें – इससे यूस्टेशियन ट्यूब (Eustachian tube) खुलती है और दबाव समान हो जाता है।
- नाक बंद करके धीरे-धीरे सांस छोड़ें – इसे वल्सल्वा मेथड (Valsalva maneuver) कहा जाता है, जो ईयरड्रम पर दबाव को कम करने में मदद करता है।
- खुद को हाइड्रेटेड रखें – फ्लाइट के दौरान पानी पीते रहें ताकि कान और नाक की झिल्लियां सही ढंग से काम करें।
- इयरप्लग्स का उपयोग करें – एयर प्रेशर चेंज को कम करने के लिए इयरप्लग्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।
अगर कान में दर्द ज्यादा होता है या लगातार बना रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है।